Admission career scope jobs and salary in M.sc(Master in Science)

M.sc(Master Of Science) एक पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है, आमतौर पर B.sc(Bachler Of Science) की डिग्री पास करने के बाद की जाती हैं, इस डिग्री की अवधि दो साल होती है, और यह डिग्री सामान्यत सभी विश्वाविद्यालयों द्वारा करवाई जाती है,विज्ञान में स्नातक होने के बाद, कोई भी जैव चिकित्सा विज्ञान, भौतिक विज्ञान, खगोल विज्ञान आदि में जा सकता है। इसी प्रकार रसायन शास्त्र, दवा रसायन, पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी आदि विषयों में से एक के रूप में रसायन शास्त्र के साथ वे जीव विज्ञान स्ट्रीम के साथ पोषण, आहार, खाद्य विज्ञान के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा कोई भी लागू रसायन विज्ञान, गणित, भौतिकी आदि का विकल्प चुन सकता है

M.sc(Master in Science) में एडमिशन, करियर, स्कोप, नौकरियां और सैलरी की पूरी जानकारी

M.sc(Master in Science) आप विभिन्न विषयों से कर सकते हैं जैसे…

  1.  गणित में M.sc(Master in Science):

गणित विषय में एमएससी जैसे कि विश्लेषण, बीजगणित, टोपोलॉजी और कम्प्यूटेशनल क्षेत्रों में आधुनिक अनुप्रयोगों में मजबूत पृष्ठभूमि छात्रों को प्रदान करता है। और यह सुनिश्चित करता है कि M.sc पूरा करने के बाद छात्रों के पास एक व्यापक श्रेणी के विकल्प से कैरियर विकल्प बनाने के लिए आवश्यक उचित प्रशिक्षण है।

M.sc गणित में एडमिशन:

गणित विषय से M.sc करने के लिए छात्र की योग्यता

  • गणित विषय में M.sc करने के लिए छात्रों का B.sc गणित से होना अनिवार्य है|
  • और M.sc में एडमिशन लेने वाले छात्रों के B.sc में 50% अंक होने अनिवार्य है|
  • कुछ संस्थान M.sc में एडमिशन के लिए प्रवेश आयोजित करते हैं|

M.sc गणित के बाद करियर/ स्कोप:

  • ज्यादातर छात्र गणित में स्नातकोत्तर करने के बाद करियर के रूप में शिक्षण चुनते हैं|
  • शिक्षण के अलावा आप विभिन्न संगठनों/ डिपार्टमेंट में अपना करियर बना सकते हो जैसे ISRO, DRDO, NAL आदि|
  • गणित विषय में M.sc  करने के बाद आप सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर सकते हैं|
  • एमएससी गणित को पूरा करने के बाद, बीएड (स्कूल अध्यापन के लिए) या सीएसआईआर(CSIR) यूजीसी नेट(UGC NET) (कॉलेज स्तर की अध्यापन के लिए) के लिए जा सकते हैं।
  • Msc करने के बाद PhD भी कर सकते हैं|

2. केमिस्ट्री में M.sc(Master in Science): 

एमएससी (केमिस्ट्री) पाठ्यक्रम रसायन विज्ञान और इसके शाखाओं के विभिन्न तत्वों के रासायनिक पहलुओं से संबंधित है। विज्ञान पृष्ठभूमि के छात्रों के बीच एक लोकप्रिय विषय है| उम्मीदवार जिन्होंने रसायन विज्ञान या संबंधित क्षेत्रों में अपनी स्नातक स्तर की शिक्षा पूरी कर ली है, इस पाठ्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इस पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद कई उच्च अध्ययन विकल्प हैं।

M.sc केमिस्ट्री में एडमिशन:

केमिस्ट्री विषय से M.sc करने के लिए छात्र की योग्यता

  • केमिस्ट्री विषय में M.sc करने के लिए छात्रों का B.sc केमिस्ट्री से होना अनिवार्य है|
  • और M.sc में एडमिशन लेने वाले छात्रों के B.sc में 50% अंक होने अनिवार्य है|
  • कुछ संस्थान M.sc में एडमिशन के लिए प्रवेश आयोजित करते हैं|

M.sc केमिस्ट्री के बाद करियर/ स्कोप:

  • उम्मीदवारों को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों में भी कई नौकरियां मिल सकती हैं।
  • वे विदेशों में कई संगठनों में भी कई नौकरियां पा सकते हैं।
  • एमएससी गणित को पूरा करने के बाद, बीएड (स्कूल अध्यापन के लिए) कर सकते हैं|
  • केमिस्ट्री विषय में M.sc करने के बाद आप सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर सकते हैं|

3. फिजिक्स में M.sc(Master in Science): 

फिजिक्स(भौतिक विज्ञान) विषय पढ़ने के लिए एक बहुत अच्छा विषय है, भौतिकी में एमएससी पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अंतर्निहित सिद्धांतों का एक ठोस ज्ञान प्रदान करना है जो इन और संबंधित क्षेत्रों में करियर के लिए एक संपूर्ण आधार प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को मौजूदा परियोजनाओं में प्रयुक्त तकनीकों में अंतर्दृष्टि विकसित करने में मदद मिलती है और एक गहराई से अनुभव एक विशेष शोध क्षेत्र इसके अलावा, वे छात्रों के लिए औद्योगिक या अकादमिक जीवन में एक सार्थक भूमिका निभाने के लिए पेशेवर कौशल विकसित करना चाहते हैं|

M.sc फिजिक्स में एडमिशन:

फिजिक्स विषय से M.sc करने के लिए छात्र की योग्यता

  • फिजिक्स विषय में M.sc करने के लिए छात्रों का B.sc फिजिक्स से होना अनिवार्य है|
  • और M.sc में एडमिशन लेने वाले छात्रों के B.sc में 50% अंक होने अनिवार्य है|
  • कुछ संस्थान M.sc में एडमिशन के लिए प्रवेश आयोजित करते हैं|

M.sc फिजिक्स के बाद करियर/ स्कोप:

  • एमएससी भौतिकी स्नातकों के पास सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर होते है|
  • भौतिक विज्ञान में स्नातक करने के बाद शिक्षण क्षेत्र में भी जा सकते हैं|
  • एमएससी भौतिकी स्नातकों के लिए आईटी क्षेत्र में कई अवसर उपलब्ध हैं।
  • कई आईटी कंपनियों जैसे इंफोसिस, विप्रो और सीटीएस सॉफ्टवेयर नौकरियों के लिए एमएससी भौतिकी स्नातक की भर्ती कर रहे हैं।
  • वे ऊर्जा संयंत्रों में नौकरी भी प्राप्त कर सकते हैं इन स्नातकों के लिए उपलब्ध एक और काम इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में तकनीशियन है।
  • वे ऑटोमोबाइल उद्योग की कई कंपनियों में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

4. जूलॉजी में M.sc(Master in Science): 

दो वर्षीय स्नातकोत्तर एमएससी (जूलॉजी) में जीवमंडल के जीवित घटकों, उनकी विशेषताओं, शारीरिक रचना, जीवन चक्र और व्यवहार का गहराई से अध्ययन शामिल है। आजकल, विभिन्न रासायनिक और साथ ही फार्मास्युटिकल कंपनियों ने जूलॉजी में सफलतापूर्वक एमएससी की डिग्री हासिल कर ली है।

M.sc जूलॉजी में एडमिशन:

जूलॉजी विषय से M.sc करने के लिए छात्र की योग्यता

  • जूलॉजी विषय में M.sc करने के लिए छात्रों का B.sc जूलॉजी से होना अनिवार्य है|
  • और M.sc में एडमिशन लेने वाले छात्रों के B.sc में 50% अंक होने अनिवार्य है|

M.sc जूलॉजी के बाद करियर/ स्कोप:

  • भारत में भूवैज्ञानिकों के सामने विविध कार्य अवसर मौजूद हैं।
  • भूविज्ञानी की नौकरी प्रोफ़ाइल उसकी योग्यता और विशेषज्ञता पर निर्भर करती है।
  • भारतीय भू-विज्ञान स्नातकों के सामने सरकारी और निजी क्षेत्र के रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
  • एमएससी जूलॉजी को पूरा करने के बाद, बीएड (स्कूल अध्यापन के लिए) कर सकते हैं|
  • एमएससी जूलॉजी के बाद आप PhD भी कर सकते हो|

5. वनस्पति विज्ञान में M.sc(Master in Science): 

वनस्पति विज्ञान (बॉटनी), छात्रों को प्लांट फिजियोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री, डेवलपमेंट बॉटनी और प्लांट डायवर्सिटी के ज्ञान प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश स्नातक स्तर में छात्रों के अंकों के आधार पर किया जाता है।

M.sc वनस्पति विज्ञान में एडमिशन:

वनस्पति विज्ञान विषय से M.sc करने के लिए छात्र की योग्यता

  • वनस्पति विज्ञान विषय में M.sc करने के लिए छात्रों का B.sc वनस्पति विज्ञान से होना अनिवार्य है|
  • और M.sc में एडमिशन लेने वाले छात्रों के B.sc में 50% अंक होने अनिवार्य है|

M.sc वनस्पति विज्ञान के बाद करियर/ स्कोप:

  • वनस्पति विज्ञान स्नातक ऐसे वनस्पति वनस्पतियों जैसे कि प्लांट टैक्सोनोमिस्ट्स, एथानोबोटानिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, पेलियोबोटानिस्ट और पैलेनिसोलॉजिस्ट, प्लांट साइटोलॉजिस्ट्स, प्लांट आनुवंशिकीविद्, प्लांट इज़ोलोलॉजिस्ट, प्लांट साइंटेस्ट्स और वीड वैज्ञानिकों आदि के लिए जा सकते हैं।
  • यदि उम्मीदवारों के पास उन्नत योग्यताएं हैं,तो वह संस्थानों में एक अकादमिक कैरियर को लेक्चरर्स और प्रोफेसरों या वैज्ञानिक वैज्ञानिक कैरियर जैसे कि प्लांट साइंटेस्टर्स, वेड साइंटेस्टर्स आदि के रूप में अपनाया जा सकता है।
  • शोधकर्ताओं और प्रशासकों के रूप में काम कर सकते हैं।
  • उनके पास भारत के वानस्पतिक सर्वेक्षण और अन्य सरकारी विभागों में भी विकल्प है, लेकिन केवल यूपीएससी परीक्षा के माध्यम से।
  • एमएससी वनस्पति विज्ञान के बाद आप PhD भी कर सकते हो|

भारत में M.sc के लिए टॉप कॉलेज:

  • University of Delhi, New Delhi
  • Jamia Milia Islamia University, New Delhi
  • Lovely Professional University
  • Amity University, Lucknow, Uttar Pradesh
  • Banaras Hindu University Varanasi, Uttar Pradesh
  • Guru Gobind Singh Indraprastha University, New Delhi

M.sc के बाद सैलरी:

M.sc करने के बाद सभी छात्र भिन्न-भिन्न क्षेत्रो में जाते है और सभी क्षेत्रो में उनकी सैलरी भिन्न होती है इस क्षेत्र में अनुमानित सैलरी 30,000 से 50,000 हो सकती है, और अगर आप किसी बड़ी MNC कंपनी में काम कर रहे हो तो आपकी सैलरी 1,00,000 तक या उससे ज्यादा हो सकती है|

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